आध्यात्मिक जीवन के सत्य तो भारत की संस्कृति के सूर्योदय काल से ही परम वैज्ञानिक रहे हैं। इनकी वैज्ञानिकता को भुला कर कपड़े के रंग या फिर चटनी , समोसे अथवा जलेबी में भगवान को खोजने की कोशिश करना हास्यास्पद ही है।
शनिवार, 10 अगस्त 2013
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